Vaadiyon Mai..!!

वादियों मे हुस्न यूँ न घोलो तुम,

के किसी ने कलियों पे सवेरा कम बिखेरा  है।

चांदनी सी शीतल, पर सूरज को जलाती,

उफ्फ !! ये खूबसूरती तुम्हारी…

भोर भये मेरे खयालो को घेरा है  !! -पथिक

 

 

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