Panaah…zindagi ki..!

 

आँखों में किसी की पनाह मांगोगे,
जब किसी से प्यार हो जायेगा…
आईने से नज़र तब ही मिलाओगे,
जब खुद पर ऐतबार हो जायेगा।
गुमराह वही होते है जो मंजिलो की तलाश में निकलते है,
बिन मंजिल रास्ते भी गलत नहीं होते।
मौत इतनी भी बदसूरत नहीं,
मिले आँखे खोलकर तो मौत से भी प्यार हो जायेगा।
कतार में खिसकती हुई भी कोई ज़िन्दगी है,
भुला दोगे मंजिलो को तो रास्तों से प्यार हो जायेगा।
बहारें किसे पसंद नही आती,
पतझड़ में पतंग उड़ाके तो देखो।
कागज़ की कश्ती भी पार लगती हैं,
बारिश में नाव चलाकर तो देखो।
प्यास तो लगती है अथाह सागर में भी,
कुछ लोग बरसते तूफानों से प्यास बुझाते हैं।
चाहतें किसे नहीं होती,
चाहतों में अंतर होता है,
जो भेद मिटा देते हैं चाहतों का,
उन्हें जिंदगी से प्यार हो जाता है। -पथिक