Aaj Bhi

आज भी चुप हूँ मैं , आज भी समझने के कोशिश कर रहा हूँ।

आज भी उन्हीं सवालों से घिरा हूँ , आज भी जवाब पाने की कोशिश कर रहा हूँ।

आज भी तुम्हे याद करता हूँ , आज भी तुम्हे भूलाने की कोशिश कर रहा हूँ।

आज भी खत लिखता हूँ तुम्हें , आज भी जवाब आने की उम्मीद कर रहा हूँ।

कबसे रुकी है ज़िन्दगी , आज भी आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा हूँ।

आज भी अकेला चल रहा हूँ राहों में , आज भी हमसफ़र को पाने की दुआ कर रहा हूँ ।। -पथिक

Image courtesy: http://4.bp.blogspot.com/-cNxqlrqwxkw/VRzBufeb88I/AAAAAAAAD44/zPDY1WlE4oU/s1600/Quill-pen-parchment-and-ink-bottle-1.jpg

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